धार , दिसंबर 17 -- केन्द्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित भोजशाला में वर्ष 2026 की वसंत पंचमी को अखंड और निर्विघ्न पूजन कराए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आगामी वर्ष जनवरी में वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है, वहीं भोज उत्सव समिति गांव-गांव जाकर लोगों से वसंत पंचमी के दिन भोजशाला पहुंचने का आह्वान कर रही है।

भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने अखंड पूजन सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर केन्द्रीय पुरातत्व विभाग के महानिदेशक सहित छह संबंधित संस्था प्रमुखों को अभ्यावेदन भेजा है। अभ्यावेदन में वर्ष 2003 में वसंत पंचमी को लेकर पारित आदेशों तथा वर्ष 2024 में उच्च न्यायालय के निर्देश पर कराए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और राज्य शासन द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत जवाब का हवाला दिया गया है। इसमें वर्ष 2026 में प्रातः से संध्या तक अखंड पूजन कराने की अनुमति देने की मांग की गई है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जनवरी से पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाए, ताकि पूर्व की तरह पूजा बाधित न हो।

याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने बताया कि पूर्व आदेशों के अनुसार शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लिए नमाज और मंगलवार को हिंदू समाज के लिए भोजशाला में दर्शन-पूजन का अधिकार स्वीकार किया गया है। मंगलवार को भोजशाला में नियमित सत्याग्रह और पूजन होता रहा है। उन्होंने बताया कि जब वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तब पूर्व में कई बार पुरातत्व विभाग द्वारा शुक्रवार को पड़ने वाली वसंत पंचमी पर पूजन की अनुमति के आदेश भी दिए गए हैं, लेकिन स्पष्ट निर्देशों के अभाव में कई बार पूजा बाधित हुई है।

कुलदीप तिवारी ने यह भी बताया कि दर्ज याचिका के आधार पर भोजशाला के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के आदेश पारित हुए थे। सर्वेक्षण के दौरान हिंदू पक्ष से जुड़े साक्ष्य मिले, जिन्हें पुरातत्व विभाग के अधिकारियों सहित मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी देखा। इसके अतिरिक्त न्यायालय में राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत जवाब में इस पुरातात्विक महत्व की इमारत को मंदिर प्रतीत होना बताया गया था।

इधर संघ की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार तिथियां तय की जा रही हैं। इन सम्मेलनों के माध्यम से सामाजिक एकजुटता और मानबिंदुओं के संरक्षण के लिए संकल्प दिलाए जाने की तैयारी की जा रही है।

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