कानपुर , मार्च 17 -- कानपुर में भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को घाटमपुर तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवेली पावर प्लांट के सामने कानपुर हमीरपुर राजमार्ग पर स्थित चारागाह की बेशकीमती जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त करा दिया। करीब 56 बिस्वा (0.5600 हेक्टेयर) पशुचर भूमि की बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।

यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। मौके पर तहसीलदार अंकिता पाठक, नायब तहसीलदार धर्मेंद्र चौधरी, राजस्व निरीक्षक इंद्र कुमार तथा लेखपाल शीलेश भारती और रविंद्र तिवारी सहित राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना सजेती की पुलिस चौकी नैवेली प्रभारी अनुराग सिंह के नेतृत्व में तैनात रही।

राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 349 ख (0.3826 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 350 (1.6800 हेक्टेयर) पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कोयला नगर निवासी राजवीर सिंह और उनके परिजनों ने चारागाह की लगभग 56 बिस्वा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था।

कब्जेदारों ने यहां "कालिंदी होटल" के नाम से भवन बनाकर होटल लॉन, सड़क और अन्य सुविधाएं विकसित कर दी थीं तथा चारागाह की जमीन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। राजस्व विभाग ने पहले भी निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध उपयोग जारी रहा।

शनिवार को निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने होटल संचालक को कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी और सोमवार को भी टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने को कहा था। चेतावनी के बावजूद कार्रवाई न होने पर मंगलवार सुबह राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।

कार्रवाई के दौरान होटल प्रबंधन की ओर से विरोध भी किया गया। मौके पर प्रतिरोध कर रहे होटल मैनेजर को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया और कब्जेदारों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मौजूदगी में सूचना बोर्ड लगाकर उसे सुरक्षित किया गया। साथ ही मौके पर ही हरे चारे की बुआई कराई गई, ताकि इसका उपयोग गौवंशों के चारे के लिए किया जा सके।

एसडीएम अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक उपयोग की शासकीय भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध कब्जाधारक स्वेच्छा से भूमि खाली कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं तहसीलदार अंकिता पाठक ने बताया कि पशुचर भूमि आरक्षित श्रेणी की होती है और इसका उपयोग गौआश्रय स्थलों के लिए चारा उत्पादन में किया जाता है, इसलिए ग्रामसभा की इस भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

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