रायपुर , फरवरी 09 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पर दोहरे बयान का आरोप लगाया है।

श्री बघेल ने आरोप लगाया कि श्री शाह के बयान समय और परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा, "जब हम सत्ता में थे तब वे दबाव में थे और कुछ अलग बोलते थे, अब कुछ और कह रहे हैं।"श्री बघेल ने सोमवार को कहा - 23 अगस्त 2022 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय अमित शाह ने स्वयं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के खिलाफ किए जा रहे 'अच्छे काम' की सराहना की थी। इसके अलावा, दिसंबर 2022 में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया था कि राज्य में 2018 की तुलना में 2022 में नक्सलवादी घटनाओं में 36 प्रतिशत और संबंधित मौतों में 60 प्रतिशत की कमी आई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि 'विश्वास, विकास और सुरक्षा' के सिद्धांत पर चलकर ही नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया था। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों में बुनियादी ढांचा विकसित करने, अबूझमाड़ में पुल बनाने, 300 से अधिक स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र खोलने और 67 से ज्यादा वनोपजों की खरीदी जैसे उपायों से लोगों का भरोसा बढ़ा। इसके परिणामस्वरूप 600 से अधिक गांव नक्सल मुक्त हुए और नक्सली गतिविधियां सीमित क्षेत्र तक सिमट गईं।

उन्होंने बस्तर क्षेत्र के लिए घोषित रोड मैप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने यह काम पहले ही शुरू कर दिया था। उन्होंने अमित शाह के सुकमा दौरे का उल्लेख किया, जहां स्कूल और राशन दुकानों की कार्यशील स्थिति देखी गई थी। बघेल ने सहकारिता क्षेत्र में राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार सहकारी समितियों को कमजोर कर रही है और ऋणी किसानों से धान न खरीदने के कारण इन समितियों की कर्ज वसूली की क्षमता प्रभावित हुई है।

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