पटना , अप्रैल 18 -- भीषण गर्मी को देखते हुए जलापूर्ति योजनाओं की सतत क्रियाशीलता बनाये रखने के लिये जलापूर्ति योजनाओं का संचालन, रख-रखाव एवं अनुरक्षण को सुदृढ़ बनाने तथा सामुदायिक संतुष्टि के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की ओर से विभागीय अभियंताओं के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने की। इस अवसर पर पेयजल से सम्बंधित समस्याओं का निर्धारित समयावधि में समाधान के लिये सूचना प्रबंधन प्रणाली) एवं(केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कोषांग) से संबंधित कार्यों तथा इनसे संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान सचिव ने निर्देश दिये कि कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं पेयजल व्यवस्था बनाये रखने के लिये क्षेत्रीय अभियंता अपने कर्तव्यों का निर्वहन संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नए संवेदक बहाल नहीं हो जाते, तब तक वर्तमान व्यवस्था के माध्यम से ही सभी योजनाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों का त्वरित निष्पादन नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सचिव ने यह भी कहा कि जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए जलापूर्ति योजनाओं के विद्युत विपत्र एवं पंप चालकों के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा वार्ड स्तर पर योजनाओं की सतत निगरानी एवं क्रियाशीलता बनाए रखी जाए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सात निश्चय अंतर्गत "हर घर नल का जल" योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।
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