अलवर , दिसम्बर 29 -- राजस्थान में गुजरात की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) जयपुर के विशेष अभियान दल (एसओजी) और भिवाड़ी पुलिसके संयुक्त दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के भिवाड़ी में अवैध रूप से अल्प्राजोलम बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मार कर कर मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके करीब 60 करोड़ रुपये कीमत की अल्प्राजोलम और मिक्स पाउडर बरामद किया है।

भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण ने सोमवार को यहां पत्रकारों को बताया कि गुजरात एटीएस को गोपनीय सूचना मिली थी कि भिवाड़ी के कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एपीएल फार्मा कंपनी में बिना लाइसेंस के अल्प्राजोलम का उत्पादन हो रहा है। इस सूचना पर गुजरात एटीएस और जयपुर एसओजी का दल भिवाड़ी पहुंचा। स्थानीय यूआईटी थाना पुलिस की मदद से फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके से करीब चार किलो 850 ग्राम अल्प्राजोलम पाउडर और 17 किलो 250 ग्राम मिक्स पाउडर बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 करोड़ रुपये आंकी गयी है।

उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक दल को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने सैंपल लेकर जांच की और पदार्थ की पुष्टि होने के बाद इसे जब्त कर लिया गया। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है । इन आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी अंशुल शास्त्री, अखिलेश मौर्या और वाराणसी निवासी केमिस्ट श्रीकृष्ण कुमार यादव के रूप में हुई है। इनके खिलाफ मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

श्री प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपियों ने अप्रैल में खुशखेड़ा क्षेत्र में किराये के भूखंड पर अवैध कारोबार शुरू किया था। मई से उत्पादन शुरू हुआ, लेकिन भूखंड मालिक के दबाव में नवंबर के अंत में पूरा सेटअप कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया। यहां मात्र तीन दिन पहले ही उत्पादन शुरू हुआ था। अपनी खेप खपाते इससे पहले ही ये पकड़े गये। गुजरात में इसी तरीके का 10 किलोग्राम मादक पदार्थ पकड़ा गया था उसी की जानकारी पर छापा मारा गया।

श्री प्रशांत किरण ने बताया कि इस कंपनी के मालिक एक मैकेनिकल इंजीनियर था और एक ने फार्मास्यूटिकल कंपनियों में काम किया है। ये दोनों संयंत्र प्रबंधक और केमिस्ट ही इस नशे को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।

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