भिण्ड , दिसंबर 21 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे को सिक्सलेन बनाने, सड़क हादसों पर रोक लगाने और गौ अभयारण्य की स्थापना की मांग को लेकर संत समाज अब खुलकर आंदोलन के रास्ते पर उतर आया है। इसी क्रम में 29 दिसंबर को भिण्ड जिले के बरेठा (मालनपुर) टोल प्लाजा पर संत सभा के साथ एक दिवसीय टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा।

अखिल भारतीय संत समिति के तत्वावधान में कालिका माता मंदिर बघेली बहादुरपुरा में आयोजित संत समाज की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में तय हुआ कि 29 दिसंबर को मालनपुर टोल प्लाजा पर संत सभा आयोजित की जाएगी और "नो रोड, नो टोल" की थीम पर एक दिवसीय सांकेतिक टोल फ्री आंदोलन किया जाएगा। साथ ही आगे के आंदोलन की रणनीति की घोषणा भी की जाएगी।

संत समाज के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने बताया कि संत समाज संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है। इसी उद्देश्य से 22 दिसंबर को सुबह 10 बजे भिण्ड कलेक्टर के साथ बैठक प्रस्तावित है। बैठक में जिले में प्रस्तावित गौ अभयारण्य में अब तक प्रगति न होने, ग्वालियर-भिण्ड हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय, तथा भिण्ड जिले की जनता की भावनाओं से राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

संत कालीदास महाराज ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि मानव जीवन और गौ वंश की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर संत समाज इस धर्म युद्ध में किसी भी त्याग से पीछे नहीं हटेगा। संत समाज ने सभी वर्गों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर गौ संरक्षण और सड़क सुरक्षा के इस अभियान में सहयोग की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में संत समाज के लोग उपस्थित रहे।

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