भिण्ड , मार्च 14 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर संत समाज 16 मार्च को जिले के मालनपुर टोल प्लाजा पर 'नो रोड-नो टोल' आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है। इस बीच सरकार की ओर से आंदोलन रोकने के प्रयास जारी हैं, लेकिन मंत्री और अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही।
सूत्रों के अनुसार नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला पिछले दो दिनों से संतों से संपर्क कर आंदोलन स्थगित करने की अपील कर रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज से भी मुलाकात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस प्रयास के बाद संत समाज में दो धड़े बनने की स्थिति बन गई है।
संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज ने आंदोलन के निर्णय पर कायम रहते हुए कहा कि उन्होंने शुक्रवार को बरैठा टोल प्लाजा पर धर्मध्वजा स्थापित कर दी है और उसके सम्मान में 16 मार्च को आंदोलन अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि जो भी पक्ष अपनी बात रखना चाहता है, वह आंदोलन स्थल पर आकर चर्चा कर सकता है।
कालीदास महाराज का आरोप है कि पिछले एक वर्ष में इस हाईवे पर 200 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है और किसी जनप्रतिनिधि ने पीड़ित परिवारों के घर जाकर शोक तक व्यक्त नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब तक हाईवे का चौड़ीकरण नहीं होता, तब तक टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी।
इस मुद्दे पर आज भिण्ड जिला पंचायत कार्यालय में मंत्री राकेश शुक्ला, एनएचएआई अधिकारियों और समाजसेवियों के बीच लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क को फोरलेन बनाने के लिए पहले डीपीआर तैयार होगी, इसके बाद भूमि अधिग्रहण और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसमें लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है।
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