नयी दिल्ली , दिसंबर 27 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्य सचिवों के सम्मेलन में कहा कि देश इस समय तेज गति से अगली पीढ़ी के सुधारों का गवाह बन रहा है और युवाओं को सशक्त बनाना इन सुधारों का मुख्य लक्ष्य है।
श्री मोदी ने 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' विषय पर राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय इस सम्मेलन के आखिरी दिन रविवार को अपने संबोधन के विषयों के बारे में सोसल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ' मैंने इस बारे में अपने विचार शेयर किए कि हम सब मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने, गरीबों को सशक्त बनाने और विकसित भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए कैसे काम कर सकते हैं।'प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस समय अगली पीढ़ी के सुधारों को क्रियान्वित करने में लगी है और यह काम तेज गति से हो रहा है। श्री मोदी ने कहा, ' यह सम्मेलन ऐसे समय में हुई है जब भारत अगली पीढ़ी के सुधारों का गवाह बन रहा है। भारत "रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार हो गया है" और इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत के युवा, हमारी युवा-आबादी है। इसीलिए, हमारा प्रयास इस आबादी को सशक्त बनाना है।'श्री मोदी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से हर काम में गुणवत्ता पर जोर देने की अपील करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन, सेवाओं की आपूर्ति और विनिर्माण - हर काम में गुणवत्ता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, " आइए, 'मेड इन इंडिया' लेबल को क्वालिटी का पर्याय बनाने और 'ज़ीरो इफ़ेक्ट, ज़ीरो डिफ़ेक्ट' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मज़बूत करने की दिशा में काम करें।"प्रधानमंत्री ने शासन-प्रशासन और सेवा आपूर्ति के मामलों में एक नयी कार्य संस्कृति बनाने के लिए उठाए गए मुख्य कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अद्यतन प्रौद्योगिकी के समन्वय करने के बारे में भी बात की।
सम्मेलन में कौशल विकास, उच्च शिक्षा , युवा सशक्तिकरण, खेल और अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से विनिर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, ' कारोबार में आसानी ' को बढ़ावा देने और सेवाओं के क्षेत्र को मज़बूत करने का आह्वान किया और उनके सामने भारत को एक सेवाओं के क्षेत्र में विश्वस्तर की विशाल शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा।
उच्चतर मूल्य की खेती-बाड़ी और संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री मोदी ने कहा , ' भारत में दुनिया की फूड बास्केट बनने की क्षमता है। हमें हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की ओर बढ़ना चाहिए। इस तरह भारत एक प्रमुख खाद्य निर्यातक बन सकता है।'यह इस तरह का पांचवां सम्मेलन था प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच टीम इंडिया की भावना से चर्चा हुई और सम्मेलन में रखे गये विचारों मिलकर कार्य रूप देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी। चर्चाओं में योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और लक्ष्यों को हासिल करने के महत्व पर सहमति जताते हुए कहा गया कि विकसित भारत के सपने और लोगों के जीवन में सुधार को तभी हासिल किया जा सकता है।
सम्मेलन में विरासत और पुरानी पांडु लिपियों के संरक्षण और डिजिटली करण तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आयुष को समन्वित करने के मुद्दे पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में राज्य स्तर पर नियमों की जटिलता को समाप्त करने, शासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग हर राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल का विकास करने, कृषि आपूर्ति श्रृंखला और बाजार से जुड़ाव के लिए विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म और नक्सलवाद से मुक्त कराए गये क्षेत्रों में भविष्य की योजना जैसे पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई।
सम्मेलन में मुख्य सचिवों के साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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