नयी दिल्ली , दिसंबर 07 -- 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (आईएचसी) की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के सम्मेलन का आयोजन पहली बार भारत में किया जा रहा है।

यूनेस्को की अंतरसरकारी समिति का यह 20वां सत्र दिल्ली के लाल किला परिसर में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस सत्र की अध्यक्षता यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा करेंगे।

भारत ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए 2003 के सम्मेलन की 2005 में पुष्टि की थी। इस पुष्टि की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह आयोजन भारत में हो रहा है।

यूनेस्को के अनुसार, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में वे प्रथाएँ, ज्ञान, अभिव्यक्ति, जैसी चीजें शामिल हैं जिन्हें समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती हुई यह विरासत विकसित होती है, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है और विविधता को समेटती है।

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