चेन्नई , फरवरी 24 -- केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि इस समय अनिश्चितता से जूझ रही दुनिया में भारत "व्यापार, विश्वास और नये बदलावों के सेतु " बना रहा है और मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए जोखिम कम कर रहा है ।

श्री गोयल यहां सीआईआई के 5वें राष्ट्रीय निर्यात प्रतिस्पर्धा शिखर सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के जरिए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हाल में कई उच्च- स्तर के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किये हैं जिनसे भारतीय उद्यमियों और निर्यातकों को वैश्विक व्यापार में लगभग दो-तिहाई हिस्सा रखने वाले बाजारों में माल अपने उत्पाद ले जाने के पहले से आसान अवसर मिले हैं। वहवाणिज्य मंत्री ने ज़ोर दिया कि मोदी सरकार के दौर में जो नौ मुक्त व्यापार समझौते हुए हैं वे सभी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ है और उनसे भारत की विकास की यात्रा में सहायता मिलेगी। कोई भी देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ जुड़े बिना विकसित नहीं बन सकता।

वाणिज्य मंत्री ने इस अवसर पर भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार लाने, कार्यकुशलता बढ़ाने और परिवर्तन लाने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को दोहराया।

श्री गोयल ने व्यापार समझौता वार्ताओं को गति देने पर सरकार के जोर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आज छह घंटे के अंदर मुक्त व्यापार से जुड़ी तीन वार्ताओं में हिस्सा लिया। उन्होंने राजधानी नयी दिल्ली में आज छह सदस्यों वाली खाड़ी सहयोग परिषद के छह देशों के ग्रुप के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने के संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने के बाद , एफटीए वार्ता के लिए इज़राइल से आये एक दल के साथ मुलाकात की। उन्होंने बताया कि आज ही वह चिली के व्यापार मंत्री के साथ भी एक नए दौर के एफटीए को पूरा करने के लिए बातचीत करने वाले हैं जिसमें वहां से भारत को महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकती है।

श्री गोयल ने आगे बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री जल्द ही भारत आने वाले हैं। उम्मीद है कि उनकी इस यात्रा के दौरान कनाडा के साथ एफटीए वार्ता के लिए विषय वस्तु को अंतिम रूप दिया जा सकेगा और व्यापार वार्ता शुरू हो सकेगी।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि एफटीए के जरिये विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक व्यापारिक भागीदारियों के नेटवर्क का विकास व्यापार जोखिमों को कम करने की भारत की नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश की इस तरह की नीति इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर और बड़े उद्येश्य के साथ पहले कभी नहीं देखी गयी थी।

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