नयी दिल्ली , मार्च 6 -- अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल इकाई ने हेरोइन तस्करी के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराने में कामयाबी पाई है। अदालत ने आरोपी वकील सिंह को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

एनसीबी ने आज बताया कि आठ सितंबर 2022 को पंजाब के जलालाबाद सेक्टर में बीओपी एन.एस. वाला पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 160वीं बटालियन के जवानों ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए 1.790 किलोग्राम हेरोइन की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया था। बरामद मादक पदार्थ को बाद में एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल इकाई ने अपने कब्जे में लेकर एनसीबी अपराध संख्या 59/2022 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इस मामले में नौ सितंबर 2022 को फाजिल्का जिले के गांव धंडी कदीम निवासी वकील सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी पाकिस्तान के एक व्यक्ति 'अमर' से हेरोइन लेकर सीमा पार से तस्करी में शामिल था। बताया गया कि हेरोइन पहले पाकिस्तान की ओर सीमा बाड़ के पास रखी गई थी, जिसे आरोपी ने स्वराज 855 एफई ट्रैक्टर चलाकर बाड़ के पास से उठाया और पकड़े जाने से बचने के लिए ट्रैक्टर के बंपर की खोखली जगह में कोल्ड ड्रिंक की दो बोतलों में छिपा दिया। जांच के दौरान बीएसएफ को ट्रैक्टर के बंपर की उसी जगह से हेरोइन से भरी दो बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद एनसीबी ने मामला दर्ज कर तीन मार्च 2023 को फाजिल्का की एनडीपीएस अदालत में शिकायत दाखिल की।

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