बेंगलुरु , फरवरी 07 -- भारत ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर यात्रा में एक अहम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए 2-नैनोमीटर चिप डिजाइन का अनावरण किया। क्वालकॉम के एक कार्यक्रम में इस उपलब्धि को प्रदर्शित किया गया, जिसे केंद्र सरकार ने देश के तकनीकी भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण बताया।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर सेवाओं और बैक-एंड चिप विकास केंद्र की पहचान से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाले सेमीकंडक्टर डिजाइन और एआई-आधारित प्रौद्योगिकियों की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

क्वालकॉम द्वारा प्रदर्शित 2-नैनोमीटर वेफर में प्रत्येक डाई पर लगभग 20 अरब ट्रांजिस्टर शामिल हैं और इसमें सीपीयू तथा जीपीयू क्षमताओं का एकीकरण किया गया है। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की उन्नत चिप्स एज एआई कंप्यूटिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनका उपयोग कैमरा, नेटवर्किंग उपकरण, औद्योगिक प्रणालियों और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सेमीकंडक्टर विनिर्माण एक जटिल और दीर्घकालिक प्रक्रिया है, लेकिन भारत की डिजाइन क्षमताओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब देश में उत्पाद परिभाषा से लेकर सिलिकॉन वैलिडेशन तक एंड-टू-एंड चिप डिजाइन कार्य किया जा रहा है।

एआई अवसंरचना के संदर्भ में श्री वैष्णव ने कहा कि भारत में डेटा सेंटर क्षेत्र में अब तक लगभग 70 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धताएं हो चुकी हैं, जो हालिया घोषणाओं के साथ लगभग 90 अरब डॉलर तक पहुंचती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि एआई अपनाने की गति बढ़ने के साथ आने वाले वर्षों में यह निवेश और बढ़ सकता है, हालांकि इसे अभी अनुमानित आंकड़ा बताया।

मंत्री ने कहा कि डेटा सेंटर के विस्तार से एआई सर्वर निर्माण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, जिन्हें मौजूदा प्रोत्साहन योजनाओं का समर्थन प्राप्त है।

एआई कंप्यूट क्षमता पर उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत के साझा कंप्यूट ढांचे के तहत लगभग 10,000 जीपीयू उपलब्ध हैं और एआई मिशन के अगले चरण में करीब 50,000 और जीपीयू जोड़ने की योजना है। आगामी एआई शिखर सम्मेलन से प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की दिशा तय की जाएगी।

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत तैयार हो रही प्रतिभा-श्रृंखला को इस प्रगति का आधार बताते हुए मंत्री ने कहा कि 'सेमिकॉन इंडिया 1.0' के अंतर्गत 300 से अधिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सेमीकंडक्टर शिक्षा और प्रशिक्षण का विस्तार किया गया है। छात्रों को उद्योग और सरकारी सहयोग से चिप डिजाइन टूल्स और वैलिडेशन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में घोषित 'सेमिकॉन इंडिया 2.0' के तहत उन्नत चिप डिजाइन, उपकरण एवं सामग्री, सिस्टम-स्तरीय कौशल और फैब्रिकेशन तथा एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) क्षमताओं के विस्तार पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान 28-नैनोमीटर निर्माण क्षमता से आगे बढ़ते हुए भविष्य में 7-नैनोमीटर जैसे उन्नत नोड्स की दिशा में क्रमिक प्रगति की जाएगी।

आईटी क्षेत्र पर एआई के प्रभाव का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सॉफ्टवेयर उद्योग को स्थायी रूप से बदल देगी, जिससे चुनौतियां भी आएंगी और नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यबल को अपस्किल और रिस्किल करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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