तिरुवनंतपुरम , नवंबर 05 -- जर्मनी में व्यावसायिक प्लेसमेंट को सुगम बनाने के लिए जनवरी -फरवरी 2026 के बीच एक भारत-जर्मनी प्रशिक्षण मेला आयोजित किया जाएगा। भारत में अपनी तरह की यह प्रथम पहल हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आर्थिक रूप से वंचित उम्मीदवारों को एक लाख रुपये का मासिक वजीफा दिया जाएगा, जिससे उन्हें विदेशों में उच्च-गुणवत्ता वाले कौशल विकास के अवसरों तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
जर्मन निवेशकों के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 24-25 अक्टूबर को केरल का दौरा किया और सरकार तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। प्रतिनिधियों ने प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, गतिशीलता और आर्थिक निवेश सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग करने में रुचि व्यक्त की।
केरल और जर्मनी के हेसेन के बीच एक सहयोगी राज्य साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रारंभिक वार्ता शुरू कर दी गई है। औपचारिक समझौते पर जनवरी 2026 में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
भारत-जर्मनी साझेदारी का उद्देश्य कौशल विकास में सहयोग को मज़बूत करना, भारतीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ाना, द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देना और रोज़गार एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसरों को व्यापक बनाना है।
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