चेन्नई , दिसंबर 11 -- परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 2025 एक ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ क्योंकि भारत नाभिकीय ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने पूरे परिचालन इतिहास में पहली बार एक वित्तीय वर्ष में 50 अरब यूनिट (एमयू) का आंकड़ा पार किया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा क्षमता निर्माण, रेडियो-आइसोटोप, रेडियो-फार्मास्युटिकल उत्पादन के लिए अनुसंधान रिएक्टरों निर्माण एवं संचालन, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए विकिरण प्रौद्योगिकी के प्रयोग की अपनी परंपरा को जारी रखा हुआ है। यह विभाग राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान देता है।

इसने कहा कि प्रधानमंत्री ने 25 सितंबर, 2025 को राजस्थान में 4-यूनिट माही बांसवाड़ा एनपीपी की आधारशिला रखी है जिसकी स्थापना एनपीसीआईएल-एनटीपीसी संयुक्त उद्यम, अश्विनी द्वारा की जाएगी।

राजस्थान स्थित यूनिट 7 को उत्तरी ग्रिड से जोड़ा गया तथा वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया। एनपीसीआईएल ने अपने सम्पूर्ण परिचालन इतिहास में पहली बार एक वित्तीय वर्ष में 50 अरब यूनिट उत्पादन प्राप्त किया। परमाणु ऊर्जा आयोग ने वर्ष 2032 तक नियोजित 22.5 गीगावाट क्षमता के अतिरिक्त 700 मेगावाट क्षमता वाली 10 अतिरिक्त पीएचडब्ल्यू इकाइयों के लिए पूर्व-परियोजना गतिविधियों को स्वीकृति प्रदान की ।

प्रधानमंत्री ने बिहार के मुजफ्फरपुर में 150 बिस्तरों वाले होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने टाटा मेमोरियल अस्पताल को "आशा की किरण" एंकर सेंटर के रूप में मान्यता दी है।

डीएई ने अगस्त 2025 में खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर 18वें अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड (आईओएए 2025) की मेजबानी की। इस कार्यक्रम में 64 देशों के 300 से अधिक छात्रों और 140 सदस्यों ने भाग लिया।

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