नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की परंपरागत चिकित्सा के साथ कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) से एकीकृत करने के लिए अग्रणी कदम उठाए हैं, जिससे अनुसंधान, निदान और साक्ष्य-आधारित अभ्यास के लिए नए रास्ते खुले हैं।

श्री नड्डा ने परंपरागत चिकित्सा पर दूसरे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक सम्मेलन के समापन के अवसर पर अपने संबोधन में अपने संबोधन में शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में योगदान देने वाले नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और विशेषज्ञों की मज़बूत प्रतिबद्धता और सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में मौजूदा वैश्विक गति एक स्पष्ट और सुसंगत दृष्टिकोण का परिणाम प्राप्त हुआ है।

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