मस्कट , दिसम्बर 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओमान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते सहित समुद्री विरासत , कृषि, उच्च शिक्षा , कृषि खाद्य नवाचार और समुद्री सहयोग जैसे छह समझौता तथा समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये। इन समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद की मौजूदगी में गुरुवार को यहां हस्ताक्षर किये गये।

पहले समझौते व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का उद्देश्य आर्थिक और वाणिज्यक सहयोग को मजबूत करना और आगे बढ़ाना, व्यापार बाधाओं को कम करके और एक स्थिर ढांचा बनाकर दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों में अवसरों को खोलना, आर्थिक विकास को बढ़ाना, रोज़गार के अवसर पैदा करना और दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ावा देना है।

भारत और ओमान ने समुद्री विरासत और संग्रहालयों के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसका उद्देश्य लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर सहित समुद्री संग्रहालयों को समर्थन देने के लिए सहयोगी साझेदारी स्थापित करना। इसके अलावा साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कलाकृतियों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रदर्शनियों, अनुसंधान और क्षमता निर्माण की सुविधा प्रदान करना है।

दोनों देशों के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों समझौता ज्ञापन का उद्देश्य कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन के संबद्ध क्षेत्रों में रूपरेखा तैयार करना और कृषि विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में प्रगति, बागवानी को बढ़ाने, एकीकृत खेती प्रणालियों और सूक्ष्म सिंचाई में सहयोग देना है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन का उद्देश्य संकाय, शोधकर्ताओं और विद्वानों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करना, जबकि मानव और सामाजिक-आर्थिक विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक नए ज्ञान और नवीन प्रथाओं को उत्पन्न करने के लिए आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, विशेष रूप से अनुप्रयुक्त अनुसंधान करना है।

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