अदीस अबाबा , दिसम्बर 16 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और इथियोपिया ने लंबे समय से साझा मूल्यों पर आधारित प्रगाढ संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सामरिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भारत ने इथियोपिया के छात्रों के लिए छात्रवृति को भी दोगुना करने की घोषणा की है।
जॉर्डन के बाद दो दिन की इथियोपिया यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे श्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के दौरान यह बात कही।
श्री मोदी ने कहा कि भारत और इथियोपिया के बीच हजारों वर्षों से नियमित संपर्क और आदान प्रदान के संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक भाषाओं वाले देशों के रूप में हमारे दोनों देश एकता में विविधता का प्रतीक हैं और दोनों देश शांति और मानवता के प्रति वचनबद्ध लोकतांत्रिक शक्तियां हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इथियोपिया ग्लोबल साउथ के सहयात्री भी हैं और साझेदार भी हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी यूनियन का मुख्यालय इथियोपिया में होना इथियोपिया को अफ्रीकी कूटनीति का केन्द्र बिन्दू बनाता है। उन्होंने कहा कि समावेशी विश्व के साझा विजन से प्रभावित होकर भारत ने सुनिश्चित किया कि 2023 में अफ्रीकी यूनियन जी 20 का सदस्य बनें।
श्री मोदी ने कहा," इन्हीं सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हम भारत इथियोपिया संबंधों को सामरिक स्तर पर ले जा रहे हैं। यह कदम हमारे संबंधों को नयी ऊर्जा , नयी गति और नयी गहराई प्रदान करेगा। भविष्य की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार होगा।"उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के आधार स्तंभ अर्थव्यवस्था,नवाचार , प्रौद्योगिकी , रक्षा, स्वास्थ्य , क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय सहयोग पर विचार विमर्श का अवसर महत्वपूर्ण है।
श्री मोदी ने घोषणा की कि भारत ने इथियोपिया के लिए छात्रवृति को दोगुना करने का निर्णय लिया है। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के प्रति संवेदना और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समर्थन के लिए इथियोपिया का आभार प्रकट किया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मित्र देशों का साथ होना भारत के लिए बहुत मायने रखता है।
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