नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- भारत और इजरायल ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने का फैसला किया है।

इजरायल की यात्रा पर गए केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने भारत और इज़रायल के बीच मत्स्य पालन और जलीय कृषि सहयोग पर एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय आशय घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करके आपसी संबंध को नयी दिशा प्रदान की। इजरायल से सहयोग का यह घोषणापत्र प्रौद्योगिकी, टिकाऊ पद्धतियों, क्षमता निर्माण और व्यापार में सहयोग की पुष्टि करता है और दोनों देशों के बीच संयुक्त उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना की नींव रखता है।

श्री सिंह ने इज़रायल में आयोजित "ब्लू फूड सिक्योरिटी: सी द फ्यूचर 2026" विषय पर दूसरे वैश्विक शिखर सम्मेलन में भारत की मत्स्य पालन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सतत नीली अर्थव्यवस्था, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उन्होंने इज़रायल के कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री अवि डिक्टर, क्षेत्रीय सहयोग मंत्री डेविड एमसलेम और अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम में घाना, जॉर्जिया और अज़रबैजान के मंत्रियों सहित कई देशों के प्रतिनिधियों और जॉर्डन, मोरक्को, रोमानिया, फिलीपींस आदि के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

श्री सिंह ने वहां एक एग-टेक इनोवेशन प्रदर्शनी का भी दौरा किया और समुद्री नवाचार के क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप्स के साथ तकनीकी चर्चा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घाना की मत्स्य पालन मंत्री सुश्री एमेलिया आर्थर से भी मुलाकात कर ज्ञान के आदान-प्रदान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।

श्री सिंह के साथ गए एक प्रतिनिधिमंडल ने इज़रायली उद्योग के विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स के साथ गहन चर्चा की, जिसमें जल-कुशल तकनीक, झींगा स्वास्थ्य के लिए आरएनए-आधारित समाधान और हैचरी उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत माइक्रोएल्गी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया।

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