भुवनेश्वर , नवंबर 07 -- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि इथेनॉल, मेथनॉल, बायो-एलएनजी, सीएनजी और हरित हाइड्रोजन के बढ़ते उत्पादन और उपयोग के कारण भारत ईंधन आयातक से ईंधन निर्यातक देश बन रहा है।

श्री गडकरी ने यहां भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के 84वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए उन्नत इंजीनियरिंग मानकों, बुद्धिमान परिवहन प्रणालियों और जागरूकता पहलों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया ताकि सुरक्षित तथा अधिक कुशल परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।

सड़क इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए श्री गडकरी ने कहा कि सटीक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और परेशानी मुक्त, सुरक्षा-सुनिश्चित राजमार्गों के विकास के लिए उनकी सटीकता और नवाचार महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग निर्माण में बायो-बिटुमेन और पुनर्चक्रित प्लास्टिक कचरे का उपयोग स्थायित्व, स्थिरता और लागत दक्षता को बढ़ा रहा है, साथ ही देश के पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढाँचे के लक्ष्यों में भी योगदान दे रहा है। सरकार के दृष्टिकोण को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मिशन नवाचार और टिकाऊ गतिशीलता समाधानों पर आधारित विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे का निर्माण करना है।

श्री गडकरी ने कहा कि यह परिवर्तनकारी दृष्टिकोण व्यापक रोज़गार के अवसर पैदा करेगा, बुनियादी ढाँचा-कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करेगा और भारत को एक आत्मनिर्भर और लचीले भविष्य की ओर ले जाएगा।

इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा राज्य सड़क नीति और आगामी ओडिशा राज्य राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 2025 के माध्यम से सड़क नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निर्णायक कदम उठा रही है।

श्री माझी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के बीच घनिष्ठ समन्वय से ओडिशा के सड़क बुनियादी ढाँचे की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार जारी रहेगा, संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा और भारत की विकास गाथा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित