भोपाल , फरवरी 08 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर रविवार को कहा कि इससे किसानों, डेयरी और मसाला उत्पादकों के हित बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने भोपाल में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हम आत्मविश्वास से देश के हित में निर्णय लेते हैं। हम सौदेबाजी नहीं, लेकिन संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हैं। यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और किसानों के सम्मान का उदाहरण है।"श्री सिंह ने कहा कि यह व्यापार समझौता न केवल भारतीय किसानों को पूरी तरह सुरक्षित रखता है, बल्कि कृषि उत्पादों के लिए नए अवसर खोलती है।

उन्होंने कहा, "इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को कोई भी नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है। मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क में कोई छूट नहीं दी गई है। छिल्का रहित अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी"मंत्री ने कहा कि सभी प्रमुख कृषि उत्पादों को बाहर रखा गया है, अमेरिका के लिए इनमें कोई द्वार नहीं खोला गया है। कई अमेरिकी उत्पाद भारत नहीं आएंगे, स्ट्राबेरी, , योगर्ट, बटर ऑयल, पनीर, चीज, आटा, मक्का, चावल, आलू-प्याज, दलहन, नींबू, और अन्य कृषि उत्पादों को भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि इसके अलावा मसालों में भी काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, धनिया, जीरा, हींग, दालचीनी, अदरक, हल्दी, अजवायन जैसे मसाले अमेरिका से भारत में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे कृषि हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। कई भारतीय मसालों, कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क में प्रवेश मिलेगा, लेकिन अमेरिकी उत्पादों को भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा।"श्री सिंह ने कहा कि कई भारतीय कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क घटाकर शून्य किया गया है। उन्होंने कहा, " इनमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति मोम, अवाकाडो, आम...कुछ अनाज भी शामिल है।"कृषि मंत्री ने कहा कि 2024-25 में मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "अब हमारे मसालों को भी नया बाजार मिलेगा।" उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान, महिलाओं और विशेषकर युवाओं को ऊंची उड़ान भरने के लिए सपने मिले हैं।

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