सिरसा , फरवरी 19 -- पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर उठ रही चिंताओं पर व्यापक चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते का उद्देश्य देशहित, किसान-हित, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता की रक्षा होना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि व्यापार समझौते आर्थिक विकास के साधन हो सकते हैं, लेकिन वे राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौते की कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि बड़े पैमाने पर शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी जाती है, तो मक्का, ज्वार, सोयाबीन और कपास उत्पादक किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किसानों की आय और घरेलू बाजार की सुरक्षा के लिए क्या ठोस उपाय किये गये हैं। ऊर्जा सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा-आयातक देश के लिए कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता बनाये रखना रणनीतिक आवश्यकता है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता से पहले दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों और मूल्य स्थिरता का आकलन सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

डिजिटल क्षेत्र और डेटा सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि नागरिकों की निजता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। समझौते से जुड़े सभी प्रावधान संसद और जनता के सामने रखे जायें। उन्होंने सरकार से सभी हितधारकों से परामर्श कर ही अंतिम निर्णय लेने की अपील की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित