हैदराबाद , फरवरी 02 -- भारत और दक्षिण-पूर्वी एशिया के द्वीपीय देश तिमोर-लेस्ते के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिये हैदराबाद में स्वास्थ्य सेवा और शैक्षणिक जुड़ाव पर पहली उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया है।
सोमवार को यहाँ जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, उच्च स्तरीय बैठकों का नेतृत्व भारत में तिमोर-लेस्ते के राजदूत कार्लिटो नून्स ने किया। उनके साथ हैदराबाद के सातवें निज़ाम के पोते नवाब मीर नजफ अली खान भी मौजूद थे।
श्री नून्स 29 जनवरी से एक फरवरी तक हैदराबाद के दौरे पर आये थे। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान निज़ाम आयुर्विज्ञान संस्थान (निस) का दौरा किया, जहाँ निदेशक डॉ. बीरप्पा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल को कार्डियोवैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी (सीवीटीएस) विभाग के प्रमुख डॉ. अमरेश राव द्वारा संस्थान की नैदानिक और अनुसंधान सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी।
श्री नून्स ने निस के विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और रोगी देखभाल की प्रशंसा करते हुए इस दौरे को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने निस को भारत के एक प्रमुख स्वास्थ्य देखभाल संस्थान के रूप में मान्यता दी।
राजदूत ने उस्मानिया विश्वविद्यालय का भी दौरा किया, जहाँ चर्चा में तिमोर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया। वार्ता में तिमोर-लेस्ते से छात्रों के प्रवेश को बढ़ाने और वहां उस्मानिया विश्वविद्यालय का एक परिसर तिमोर-लिस्ते में भी स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
राजदूत ने गहरी रुचि व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय की समृद्ध विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता की सराहना की। बैठक में प्रो. बी विजया, डॉ. हमीद और डॉ. अख्तर अली उपस्थित थे। इसके बाद राजदूत ने निज़ाम संग्रहालय का भी दौरा किया।
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