मुरादाबाद , मार्च 29 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्रीय संयोजक (पर्यावरण संरक्षण) रणवीर ने रविवार को कहा कि यह समय केवल तिथि परिवर्तन का नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के पुनः स्मरण का भी है। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नव वर्ष का आरंभ होता है, जो अनेक दृष्टियों से अत्यंत पावन और ऐतिहासिक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का दिन भी यही रहा, आर्य समाज की स्थापना इसी तिथि पर हुई तथा विक्रम संवत का प्रारंभ भी इसी दिन से माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी इसी दिन हुआ था।

रणवीर ने कहा कि भारतीय कालगणना केवल समय बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर नीरज मित्तल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष में छह प्रमुख उत्सवों को विशेष कार्यक्रम के रूप में मनाता है, जिनका उद्देश्य समाज को राष्ट्रभाव से जोड़ना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर पद संचलन भी आयोजित किए गए, जिनमें विभाग संघ चालक सुरेन्द्र, महानगर संघ चालक डॉ. विनीत, विपिन, हंसराज सैनी, उत्कर्ष, मनु, दीपक, संजय भटनागर, श्याम, रंजीत, विश्वजीत, शिवांश, विवेक, प्रमोद जोशी, शरद जैन, निपेंद्र, राजेश, राजीव, आशुतोष, शानू, जितेंद्र, संजय, दिनेंद्र, भगवान दास, वरद, हरमोहन गुप्ता सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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