सिरसा , अप्रैल 16 -- हरियाणा के रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने गुरुवार को कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है और भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यवहारिक रूप से लागू कर शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
डॉ. आर्य सिरसा स्थित चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय 'कलरव- द लिटरेरी फेस्टिवल' के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देकर उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि 'कलरव' विद्यार्थियों की प्रतिभा और सृजनात्मकता का प्रतीक है। विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा ने बताया कि आयोजन का प्रबंधन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। अंत में डॉ. प्रियंका नैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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