चेन्नई , फरवरी 24 -- भारतीय नौसेना 27 फरवरी को चेन्नई बंदरगाह पर युद्धपोत डॉल्फिन हंटर अंजदीप को शामिल कर पनडुब्बी रोधी अपनी युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तैयार है। आठ युद्धपोतों वाली पनडुब्बी रोधी उथले जल नौका (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) परियोजना का यह तीसरा पोत है।
युद्धपोत को चेन्नई बंदरगाह पर पूर्वी नौसेना कमान में औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे।
यह कमीशनिंग रक्षा क्षेत्र में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण की सफलता को प्रदर्शित करता है।
कमीशनिंग समारोह रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' को प्राप्त करने की दिशा में राष्ट्र की तीव्र प्रगति को दर्शाता है, क्योंकि एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी परियोजना स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण की सफलता का उदाहरण है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा निर्मित अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये तटीय और उथले जल क्षेत्र राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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