जयपुर , मई 05 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर अपनी विफलता पर पर्दा डालने के लिए बाहरी राज्यों के जश्न में डूबी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनाव समय पर न कराना भाजपा की हार के डर को दर्शाता है।

श्री जूली ने मंगलवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव न होने से लोकतान्त्रिक संस्थाएं ठप पड़ी हैं, विकास कार्य रुके हुए हैं लेकिन सरकार अपनी विफलता पर पर्दा डालने के लिए बाहरी राज्यों के जश्न में डूबी है। जो सरकार अपने राज्य के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरा करने का साहस नहीं जुटा पा रही, वह किस मुंह से जश्न मना रही हैउन्होंने युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले युवाओं से सरकारी नौकरी का वादा किया था लेकिन अब उन्हें 'शिक्षा वीर' बनाकर केवल संविदा और अस्थायी भर्तियां परोसी जा रही हैं। 3540 पदों पर निकाली गई हालिया भर्ती इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। इस भर्ती में न तो अनुभवी अभ्यर्थियों को कोई वेटेज दिया गया है और न ही ओवरएज हो चुके युवाओं को कोई राहत प्रदान की गई है। क्या यही भाजपा का 'सुराज' और रोज़गार मॉडल है।

उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ बंद होना चाहिए। संविदा नहीं, स्थाई रोज़गार ही राजस्थान के युवाओं का अधिकार है। श्री जूली ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि घाटोल (बांसवाड़ा) के अमरथून स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा में पढ़ रही बालिकाओं पर छत का प्लास्टर गिरना बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन द्वारा बार-बार भवन की जर्जर स्थिति की सूचना देने के बावजूद सरकार ने मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया, जो कि अत्यंत निंदनीय है। श्री जूली ने कहा कि विद्यालय जैसे पवित्र स्थान पर ऐसी घटनाएं होना भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार की विफलता का जीता-जागता सबूत है। सरकार को प्रचार से बाहर निकलकर जर्जर स्कूलों की सुध लेनी चाहिए।

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