जयपुर , अप्रैल 01 -- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर जानबूझकर नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनाव नहीं कराये जाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि बहाने बनाकर चुनाव टाले जा रहे हैं और वह न्यायालय के फैसलों की पालना नहीं कर रही है।
श्री डोटासरा ने आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गठन के ढाई वर्ष पूर्ण होने को है लेकिन बताने के लिये सरकार के पास कोई उपलब्धि नहीं है। प्रदेश में सभी नगर निकायों के कार्यकाल समाप्त हो चुके हैं, पंचायत राज संस्थाओं में 112 पंचायत समितियों को छोडक़र सभी पंचायत समितियों एवं समस्त ग्राम पंचायतों को कार्यकाल समाप्त हो चुका है, कुछ स्थानों पर तो एक वर्ष से अधिक समय से चुनाव नहीं हुये हैं, प्रशासक लगा दिये गये हैं। सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करवा रही है, विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर समय-समय पर चुनाव आगे सरकाये गये।
उन्होंने कहा कि अब ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट नहीं मिलने का बहाना बनाकर चुनाव टाले जा रहे हैं, सरकार कानून को नहीं मान रही है, उच्च न्यायालय और उच्चत्तम न्यायालय के फैसलों की पालना नहीं कर रही है। भाजपा शासन में सभी नगर निकायों और पंचायतों में कार्य प्रशासक बिठा दिए गये जिससे स्थानीय स्तर पर होने वाला विकास भी ठप्प हो गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने नगर निकाय एवं पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव 15 अप्रैल से पूर्व कराने का आदेश दिया था। ओबीसी आयोग को प्रतिनिधित्व के लिये तीन महीने में रिपार्ट देने के लिये गठन किया गया था ताकि जनाधार आदि देखकर एक समरी इनक्वाईरी सरकार से मौजूदा डेटा लेकर रिपोर्ट देनी थी और इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी प्रतिनिधत्व देकर सरकार को चुनाव करवाने थे, किन्तु जानबूझकर भाजपा सरकार ने ओबीसी आयोग का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया, अब सितम्बर तक बढ़ा दिया गया है।
श्री डोटासरा ने कहा कि आयोग गठन के शुरूआती छह महिने में तो संसाधन ही सरकार ने आयोग को नहीं दिये और अब जब रिपोर्ट तैयार है तो सरकार जानबूझकर रिपोर्ट नहीं ले रही है कि अगर रिपोर्ट आ गई तो चुनाव करवाने पड़ेगें, लेकिन भाजपा आज की परिस्थिति में जनता का सामना करने की स्थिति में नहीं है। भाजपा को नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों में बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा और भाजपा सरकार की पोल खुल जायेगी, क्योंकि ढाई वर्ष में कुशासन से जनता त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग की प्रतिनिधित्व के लिये रिपोर्ट नहीं आना सरकार की विफलता है, इसकी जवाबदेही सरकार की है, किन्तु सत्ता में बैठे हुये भाजपा नेता बेतुके तर्कों के आधार पर कांग्रेस नेताओं पर तंज कस रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट है कि सरकार नगर निकाय एवं पंचायत राज के चुनाव नहीं करवा रही है तो अब राज्य सरकार को यह बताना चाहिये कि जब एसआईआर के पश्चात् शुद्ध वोटर लिस्ट सरकार को मिल चुकी है तो राज्य सरकार जनवरी, 2025 की वो दूषित वोटर लिस्ट में एसआईआर के तहत् एबसेंट, शिफ्टेड और डेथ के आधार पर जिन लोगों के नाम काटे थे, उन्हें शामिल रखते हुये चुनाव इसी सूची से क्यों करवाना चाहती है। दूषित मतदाता सूची में 5 करोड़ 46 लाख 56,215 मतदाता थे, इन्हीं के आधार पर वार्डों का गठन कर इन्हें ही मतदाता मान सरकार ने चुनाव कार्यक्रम बनाया है, जबकि उस समय जल्दी चुनाव कराने के लिये सरकार ने इस निर्णय को सहीं ठहराया था।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के पश्चात् एएसडी के तहत् 41 लाख 84,891 तथा ड्राफ्ट सूची प्रकाशन के बाद दो लाख 42 हजार760 मतदाता गलत मानकर सूची से हटाये गये और 12 लाख 91 हजार 365 नये जोड़े गये। वर्तमान में शुद्ध वोटर लिस्ट के अनुसार 5 करोड़ 15,19,929 मतदाता प्रदेश में है, किन्तु विडम्बना है कि राज्य सरकार ने चुनाव भी आगे सरका दिये लेकिन नगर निकाय एवं पंचायतों के चुनाव शुद्ध वोटर लिस्ट से कराने की बजाए पुरानी जनवरी, 2025 की वोटर लिस्ट से ही चुनाव कराने पर सरकार आमदा है जिसके विरोध में आगामी दो-तीन दिन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर नगर निकाय और पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव एसआईआर के पश्चात् जारी वोटर लिस्ट से कराने की मांग की जायेगी।
उन्होंने कहा कि अगर मांग स्वीकार नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी राजस्थान उच्च न्यायालय में शुद्ध वोटर लिस्ट से चुनाव कराने के लिए याचिका पेश करेगी। श्री डोटासरा ने कहा कि अभियान के तहत् एक से सात अप्रैल तक सभी विधानसभा समन्वयक तथा ब्लॉक अध्यक्ष मण्डल कांग्रेस कमेटियों की बैठक लेकर ग्राम पंचायत एवं वार्ड और मण्डल स्तर पर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करेंगे, विरोध-प्रदर्शन करेंगे, साथ ही ग्राम पंचायत एवं वार्ड कांग्रेस कमेटियों के गठन का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि आठ से 14 अप्रैल तक सभी जिलाध्यक्ष एवं विधानसभा समन्वयक तथा जिला प्रभारी ब्लॉक स्तरीय जनजागरण अभियान एवं विरोध-प्रदर्शन आयोजित करेंगे। 15 से 30 अप्रैल तक संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत् सभी जिला कांग्रेस कमेटियां अपने जिले में बैठक आयोजित कर जिला स्तरीय जनजागरण अभियान के तहत् विरोध-प्रदर्शन तथा जनसभा आयोजित करेंगे।
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