लखनऊ , दिसंबर 23 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन के दौरान किसानों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि "डबल इंजन सरकार" के बड़े-बड़े विकास दावे ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर हैं और किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। महंगाई और कर्ज के दबाव में किसान आत्महत्या तक को मजबूर हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसानों को यही "उपहार" मिला है।

मंगलवार को पार्टी की तरफ से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को राहत देने के नाम पर भाजपा सरकार ने उन्हें हर मोर्चे पर परेशान किया है। खाद-बीज की ज़रूरत के समय भारी संकट बना रहता है। यूरिया के लिए किसान भटक रहा है, सर्दी में घंटों लाइन में लगने के बाद भी उसे निराश लौटना पड़ रहा है। शिकोहाबाद, बलरामपुर और कायमगंज से आई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खाद को लेकर सरकार की कोई तैयारी नहीं है और किसानों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में धान की खरीद सुचारु नहीं है। एमएसपी पर खरीद न होने से बिचौलिए औने-पौने दाम पर फसल खरीदकर किसानों को लूट रहे हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों को मदद के बजाय दलालों के पास भेजा जा रहा है और आंकड़ों में हेराफेरी की जा रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की नीतियों से महंगाई बढ़ी है, लागत मूल्य नहीं मिल रहा, बिजली महंगी है, कीटनाशक और बीज उपलब्ध नहीं हैं तथा कानून-व्यवस्था भी ध्वस्त है। उन्होंने दावा किया कि किसान अब 2027 के विधानसभा चुनाव का इंतज़ार कर रहा है और भाजपा को सत्ता से हटाकर ही दम लेगा, तभी किसान और जवान खुशहाल होंगे।

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