शिमला , फरवरी 14 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई ने शनिवार को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) में चरणबद्ध कटौती के केंद्र सरकार के निर्णय का बचाव किया। भाजपा ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दौरान हुई कथित वित्तीय अनुशासनहीनता के लिए केंद्र को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर "खर्चीली नीतियों" में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी भारत सरकार पर डालने की कोशिश कर रही है। डॉ. बिंदल ने बैठक की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए प्रमुख कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की अनुपस्थिति की ओर इशारा किया। ये टिप्पणियां तब आईं जब भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बुलाई सर्वदलीय बैठक से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य के सामने असली समस्या धन की कमी नहीं, बल्कि संसाधनों के अकुशल उपयोग की है।

डॉ. बिंदल ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी 0.830 प्रतिशत से बढ़कर 0.914 प्रतिशत हो गई है। इसके परिणामस्वरूप 2026 में राज्य को लगभग 13,950 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 2,450 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य को ग्रामीण और शहरी विकास अनुदान के रूप में 4,179 करोड़ रुपये और आपदा प्रबंधन के मद में 2,682 करोड़ रुपये भी प्राप्त होने वाले हैं।

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