कोलकाता , मार्च 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भय मुक्त चुनावी माहौल सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर देने के साथ ही विधानसभा चुनाव को एक-दो चरण में कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि राज्य में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और चुनाव आयोग (ईसीआई) की टीम इस समय कोलकाता के दौरे पर है। आयोग ने सोमवार को राज्य में चुनाव की तैयारियों समीक्षा को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

भाजपा की ओर से सर्वश्री तपस रॉय, शिशिर बाजोरिया और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सामने 16 बिंदुओं की मांग वाला ज्ञापन सौंपा। पार्टी की तरफ से रखा गया एक मुख्य प्रस्ताव यह था कि राज्य में विधानसभा चुनाव कई चरण के बजाय एक या दो चरण में कराए जाने चाहिए।

भाजपा नेताओं के मुताबिक, केंद्रीय बलों की सही तैनाती के साथ कम समय में चुनाव कराने से हिंसा को रोकने और आसान चुनाव प्रबंधन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य में आठ चरणों में वोटिंग हुई थी। उस चुनाव में चुनाव के दौरान और बाद में हिंसा की कई घटनाएं हुईं, जिसका हवाला देते हुए भाजपा ने हिंसा-मुक्त चुनाव की अपनी मांग पर ज़ोर दिया।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों के काम करने के तरीके और तैनाती को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी ने आयोग से मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की उचित तरीके से तैनाती सुनिश्चित करने अपील की। भाजपा ने सुझाव दिया कि हर बूथ पर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान तैनात किए जाने चाहिए। सिर्फ राज्य पुलिस पर निर्भर रहना उचित नहीं है। पार्टी ने मांग की कि केंद्र बलों को भी मतदान केंद्रों के बाहर गश्त करनी चाहिए ताकि वोटरों को डराने-धमकाने और बूथ कब्जा करने की कोशिशों को रोका जा सके।

भाजपा ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर चिंता जताई, जिसमें नकली वोटरों का होना और असली नामों का गायब होना शामिल है। उसने आयोग से यह पक्का करने की अपील की कि आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पारदर्शी और बिना गलती के हो। भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक तटस्ता की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया और यह पक्का करने के लिए कि वोटर बिना किसी डर के वोट डाल सकें, पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम की मांग की।

इस बीच, पार्टी ने आयोग के सामने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी का मुद्दा भी उठाया। भाजपा ने सेरामपुर के सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की और उनकी बातों को गैर-लोकतांत्रिक और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान बताया।

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