नयी दिल्ली , दिसंबर 16 -- नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने मंगलवार को होने वाले गोवा विश्वविद्यालय छात्र परिषद चुनावों को अचानक रद्द किए जाने का विरोध किया।

एनएसयूआई ने बयान जारी कर कहा कि गोवा विश्वविद्यालय छात्र परिषद चुनाव को तब रद्द किया गया जब एनएसयूआई विश्वविद्यालय में शीर्ष पदों और कार्यकारी पदों पर जीत हासिल करने के करीब थी। हार का सामना करने में असमर्थ भाजपा ने छात्रों के जनादेश का सम्मान करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने का विकल्प चुना।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा यह लोकतंत्र पर खुला हमला है। जब भाजपा को पता होता है कि वह हार जाएगी, तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कुचलने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल करती है। गोवा विश्वविद्यालय छात्र परिषद चुनाव रद्द करना भाजपा के छात्रों की आवाज़ और निष्पक्ष चुनावों के प्रति भय को स्पष्ट रूप से उजागर करता है। छात्रों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया गया, सिर्फ इसलिए कि परिणाम सत्ताधारी दल के अनुकूल नहीं था।

उन्होंने कहा कि एनएसयूआई चुनाव प्रक्रिया की तत्काल बहाली और छात्र लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी जवाबदेही की मांग करती है।

गौरतलब है कि एक चौंकाने वाले कदम में उत्तरी गोवा के कलेक्टर ने मतदान से ठीक 30 मिनट पहले एक आदेश जारी कर चुनाव रोक दिया।

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