कोलकाता , अप्रैल 08 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र से राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।

भाजपा द्वारा आज जारी की गई उम्मीदवारों की छठी सूची में श्री सिंह का नाम शामिल है। इसके साथ ही इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि उनका सामना तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता फिरहाद हकीम से होगा। कोलकाता पोर्ट सीट को फिरहाद हकीम का मजबूत गढ़ माना जाता है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय से इसी सप्ताह जमानत मिलने के बाद राकेश सिंह ने चुनाव प्रचार शुरू करने में जरा भी देर नहीं की। आज सुबह से ही उन्होंने कई वार्डों में घर-घर जाकर लोगों से मिलना शुरू कर दिया। इससे साफ है कि वे इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।

श्री सिंह का नाम पिछले कुछ समय से कानूनी विवादों में रहा है। उन पर मध्य कोलकाता के मौलाली इलाके में एक कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ करने और राहुल गांधी के पोस्टरों को नुकसान पहुँचाने का आरोप था। यह घटना बिहार में एक रैली के दौरान दिए गए बयानों के विरोध में हुई थी।

इस घटना के बाद श्री सिंह कई दिनों तक लापता रहे थे। पिछले साल सितंबर में कोलकाता पुलिस ने उन्हें टांगरा इलाके से गिरफ्तार किया था। उन पर आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। उनके साथ उनके बेटे शिवम सिंह और कई साथियों को भी हिरासत में लिया गया था, हालांकि उनके बेटे को बाद में जमानत मिल गई थी।

पहले कई बार उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हुई थीं, लेकिन छह अप्रैल को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कौशिक चंद की पीठ ने उन्हें राहत दी। इसके बाद मंगलवार को उन्हें हिरासत से रिहा किया गया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि श्री हकीम के खिलाफ श्री सिंह को उतारना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी उनके नाम की चर्चा थी, लेकिन उस समय गिरफ्तारी की वजह से वे चुनाव नहीं लड़ पाए थे।

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