आजमगढ़ , अप्रैल 18 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने शनिवार को फिर मोर्चा खोलते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस में रिश्वतखोरी का एक वीडियो सार्वजनिक किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) परीक्षित खटाना ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्रीवास्तव ने जिला पंचायत में कार्यरत टेंडर बाबू शिवाकांत उपाध्याय उर्फ पंकज पर ठेकेदारों से टेंडर मैनेज कराने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक किया गया वीडियो इसी कथित वसूली से संबंधित है।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से विभाग में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कर्मचारी की फोटो पूर्व में समाजवादी पार्टी के 'पीडीए भवन' उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भी वायरल हुई थी।

श्रीवास्तव के अनुसार ठेकेदारों से बड़े पैमाने पर अग्रिम कमीशन वसूला जा रहा है तथा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर हॉटमिक्स प्लांट से जुड़े कार्यों को गलत तरीके से प्रभावित किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से मिलकर लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी (डीडीओ), मुख्य कोषाधिकारी तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही अपर मुख्य अधिकारी को संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित किया जाए तथा मामले में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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