दुर्ग , मार्च 10 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती मामले में प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता विनायक ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद अब प्रशासन ने मंगलवार को उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आज उनके छोटे भाई बृजेश ताम्रकार के कब्जे वाली जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की और बुलडोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान बृजेश ताम्रकार द्वारा संचालित सीमेंट पोल निर्माण इकाई भी शासकीय जमीन पर अवैध रूप से संचालित पाई गई। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्तियों का राजस्व अमले ने निरीक्षण भी किया था।

इधर दुर्ग पुलिस ने अफीम खेती प्रकरण में आरोपी विनायक ताम्रकार और उसके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, ताम्रकार के घर से सात बोरी डोडा, लगभग दो किलोग्राम खसखस और अफीम के पौधों में चीरा लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष औजार बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने इस मामले में ताम्रकार के साथ मनीष ठाकुर और विकास बिश्नोई सहित अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री अफीम की खेती और उससे जुड़े अवैध कारोबार के महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं।

गौरतलब है कि दुर्ग जिले के समोदा-झेंझरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की थी। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े अवैध कब्जों और नेटवर्क की जांच जारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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