जयपुर , जनवरी 03 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने संगठन के भीतर संयम, संतुलन और आपसी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचना और सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिए।
श्री राठौड़ शनिवार को यहां प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला में भाग लेने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है। आज संगठनात्मक सत्रों में हर विषय पर गंभीर चिंतन किया गया। विशेष रूप से कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है। भाजपा की राजनीति सेवा भाव पर आधारित है। हम सब राजनीति में सेवक के रूप में आए हैं और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना हमारा लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जनता में भी संयम, संवेदना और संवाद की भावना जागृत करनी चाहिए। कहीं भी कटुता उत्पन्न हो तो संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकात्मता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारी राजनीति आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने गांधीवादी दृष्टिकोण, सर्वधर्म समभाव और "सर्वे भवन्तु सुखिनः" की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
श्री राठौड़ ने कहा कि हमें अपनी विरासत, इतिहास और पूर्वजों पर गर्व करना चाहिए तथा गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह त्यागना होगा। देश अब स्वतंत्र है और स्वतंत्र सोच के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नागरिकों में कर्तव्यबोध जागृत करना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कार्य करना हम सभी का दायित्व है। कार्यकर्ता पार्टी की आत्मा हैं और संगठन कार्यकर्ताओं से ही बनता है, इसलिए उनका सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यशाला केवल कार्यकर्ताओं को जनसेवा, संगठनात्मक अनुशासन और जीवन मूल्यों की शिक्षा देने के लिए आयोजित की गई थी।
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