रायपुर , जनवरी 19 -- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की निर्वाचन प्रक्रिया पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोमवार को आरोप लगाया कि यह एक तयशुदा खेल और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खोखला दिखावा मात्र है। उन्होंने कहा कि पार्टी में पहले से ही अध्यक्ष पद का नाम तय कर लिया गया और उसके बाद केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नामांकन और मतदान का नाटक रचा गया।

श्री बैज ने इस प्रक्रिया को भाजपा में बढ़ रहे 'अधिनायकवाद' का सबूत बताया। उन्होंने इस बात पर हैरानी और आपत्ति जताई कि पार्टी के संस्थापक नेताओं और वरिष्ठ सदस्य लालकृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी को भी इस बार मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उनके अनुसार, यह कदम दर्शाता है कि भाजपा अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की 'हाँ' और 'ना' वाली पार्टी बनकर रह गई है, जहां किसी भी वरिष्ठ की सलाह या सुझाव का कोई महत्व नहीं रहा।

श्री बैज ने आगे कहा कि वर्तमान भाजपा 'हम दो और हमारे दो' की नीति पर चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य पूंजीपति मित्रों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में एक तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के भाजपा प्रभारी नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद दिया जाना, उन्हें छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों को कॉर्पोरेट घरानों, खासकर अडानी समूह, के हित में सौंपने के कारण दिया गया 'इनाम' है। बैज ने हसदेव, तमनार, बैलाडीला, किरंदुल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन की 'लूट' का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता के अनुसार, इस पूरी निर्वाचन प्रक्रिया में भाजपा के साधारण नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका सिर्फ ताली बजाने और हाथ उठाने तक सीमित रह गई है, क्योंकि मतदाता सूची ही नेतृत्व के अनुकूल तैयार की गई है। उन्होंने इस प्रक्रिया को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'चिंताजनक' और एक 'पाखंड' करार दिया।

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