हैदराबाद , दिसंबर 26 -- तेलंगाना में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पार्टी की शताब्दी स्थापना दिवस की बैठक में सभी वामपंथी ताकतों से एकजुट होने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए नए सिरे से संघर्ष करने का आह्वान किया है।
तेलंगाना प्रदेश भाकपा सचिव एवं विधायक कुनामनेनी सांबाशिव राव ने इसकी शुरुआत की और कहा कि देशभर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सभी लाल झंडे एक ही बैनर तले एकजुट होंगे और एक दिन दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराते हुए सच्ची जन-समर्थक सरकार स्थापित करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर दशकों के संघर्षों के बाद बनाए गए अधिकारों और कानूनों को खत्म करके प्रतिगामी दिशा में बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने भाकपा प्रदेश समिति के तत्वावधान में हैदराबाद के मखदूम भवन में आयोजित भाकपा शताब्दी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार श्रम अधिकारों को कमजोर करने, अन्याय पर सवाल उठाने वाली आवाजों को चुप कराने और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को अपनाते हुए साम्यवाद को खतरा बताने की कोशिश कर रही है। श्री राव ने जोर देकर कहा कि सीपीआई के बिना आज लोगों द्वारा प्राप्त कई कानून और अधिकार मौजूद नहीं होते।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने मानवता को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए बलिदानों और संघर्षों के गौरवशाली इतिहास के साथ अपने गठन के 100 साल पूरे कर लिए हैं। श्री राव ने राष्ट्रीय विकास में कम्युनिस्टों की भूमिका को याद करते हुए कहा कि सीपीआई ने बैंक राष्ट्रीयकरण, भूमि सुधार, किसानों की मुक्ति, मजदूरों के लिए आठ घंटे का कार्यदिवस और दलितों, पिछड़े वर्गों, असंगठित श्रमिकों और शोषित वर्गों को मुख्यधारा में शामिल करने जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया।
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