बारां , मार्च 06 -- राजस्थान में बारां जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकलकर एक पखवाड़े से भी अधिक समय से बारां के जंगलों में पड़ाव डाले चीता केपी-2 की तलाश करता हुआ, उसका छोटा भाई केपी-3 भी बारां जिले के जंगलों में पहुंच गया है।

वन विभाग के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अभी दोनों भाइयों का मिलन नहीं हो पाया है। दोनों भाई बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र के जंगल में करीब छह किलोमीटर की दूरी पर सक्रिय हैं।

उल्लेखनीय है कि एक बार कूनो के दल ने केपी -2 को 12 दिसंबर को यहां से ट्रेंकुलाइज किया था और कूनो ले गये थे, लेकिन करीब ढाई महीने के अंतराल में 14 फरवरी को केपी- 2 बारां जिले के इसी क्षेत्र में पुनः लौट आया।

वन विभाग का कहना है कि अपने भाई केपी- 2 के बिछड़ने के बाद केपी-3 गंध एवं पदचिह्नों के सहारे हाल ही रामगढ़ रेंज में पहुंच गया है, जहां उसने आते ही एक गौवंश का शिकार किया।

उधर, केपी-2 काे बारां के जंगल क्षेत्र में मंडराते हुए करीब 19 दिन हो चुके हैं। इस दौरान उसने भी एक नील गाय का शिकार किया। फिर नदी पार कर मांगरोल क्षेत्र में पहुंचा था।

वन विभाग के रेंजर दीपक कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम और शुक्रवार दोपहर तक केपी-2 की मौजूदगी रिंझिया गांव क्षेत्र के जंगल में तो केपी-3 की रामगढ़ के असनावर क्षेत्र में देखी गयी है।

उप वन संरक्षक बड़े विवेकानन्द माणिकराव के अनुसार दोनों की निगरानी जहां कूनो के दल कर रहे हैं, वहीं सहयोग देने के लिए बारां जिला वन विभाग के किशनगंज एवं अन्ता रेंज के दल तैनात हैं।

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