उदयपुर , मई 06 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भविष्य की आवश्यकताओं और जनसंख्या वृद्धि के अनुरूप उदयपुर के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करते हुए सड़क सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं अन्य सुविधाओं के विकास की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिये हैं।

श्री शर्मा ने बुधवार को उदयपुर के जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को शहर के चारों ओर 25 से 30 किलोमीटर की परिधि में विकास की समस्त संभावनाओं के मद्देनजर विशेष कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि उदयपुर राजस्थान का सबसे प्रमुख पर्यटक शहर है। यहां देश दुनिया से पर्यटक आते हैं। इसके दृष्टिगत अधिकारी आवश्यक कार्ययोजना बनायें। उन्होंने कहा कि देवास परियोजना शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाये। उल्लेखनीय है कि देवास परियोजना की तीसरी और चौथी स्टेज का कार्य पूर्ण होने के पश्चात उदयपुर शहर की झीलों में पानी की कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी संबंधित विभागों के विकास कार्य बारिश के मौसम से पहले पूर्ण कर लें, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना ना पड़े। उन्होंने शहर में सीवरेज और पाइपलाइन के कार्यों को प्रमुखता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने शहर की रिंग रोड योजना पर भी विशेष कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने पूरे जिले में गुणवत्तापूर्ण शुद्ध पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के क्रम में आवश्यकतानुसार प्लांट लगाकर आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने फतेहपुरा चौराहे पर एआई से ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की सराहना करते हुए इसे अन्य चौराहों पर भी लागू करने के निर्देश दिये।

श्री शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए विशेष कार्ययोजना बनायी जाये। उन्होंने उदयपुर की स्वच्छता रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाने के क्रम में उच्चतम मापदंडों की अनुपालना सुनिश्चित करने तथा संस्थाओं, उद्योगपतियों और आमजन का सहयोग लेने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि लोकसेवक जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इसलिए जनहित कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों के सुझाव अवश्य लिये जायें और उसी अनुरूप आवश्यक संशोधन भी किया जाये।

उन्होंने कहा कि ग्राम रथ यात्रा के माध्यम से 13 विभागों के बारे में आमजन को जानकारी प्रदान करते हुए जागरूक किया जा रहा है। इन रथ यात्राओं में उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हुए आमजन से संवाद करें।

बैठक में जल संसाधन विभाग, विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, आरएनटी मेडिकल कॉलेज, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभागके अधिकारियों ने योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जिले एवं संभाग की प्रशासनिक स्थिति, यूडीए एवं नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शहर में चल रहे विकास कार्यों एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिस पर मुख्यमंत्री ने विभागवार अपने सुझाव एवं निर्देश प्रदान किये।

बैठक में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, सांसद सीपी जोशी, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, शांता देवी, प्रताप गमेती, जिला प्रभारी सचिव टी रविकांत, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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