पटना , अप्रैल 07 -- भवन निर्माण विभाग की ओर से मंगलवार को राजस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से कार्यान्वित गृह (कारा) विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा कर परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने एवं सतत अनुश्रवण तथा विभागीय शिकायत निवारण समिति से संबंधित बिंदुओं पर भी समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान प्रशासी विभागों की योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने, कार्य योजना के अनुसार पीछे चल रही योजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए गहन समीक्षा की गई।
बैठक में सरकारी भवनों के अनुश्रवण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित करने के लिए अभियंताओं को निर्देश दिया गया, जिससे भवनों की सुरक्षा एवं रखरखाव सही तरीके से हो सके।
विभिन्न जिलों के मंडल कारा में हो रहे निर्माण को तेजी से पूर्ण करने को लेकर कार्यपालक अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। साथ ही हैंडओवर की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को निदेशित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन अटल कला भवन की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रत्येक कला भवन की क्षमता 620 होगी।
इस दौरान अभियंत्रण महाविद्यालय में अतिरिक्त भवनों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। विभाग की ओर से 2615 पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 650 से अधिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। वहीं255 भवनों का फिनिशिंग कार्य अग्रिम चरण में है।
कार्यपालक अभियंता ने आश्वासन दिया कि भवनों का निर्माण समयबद्धता के साथ पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
भवन निर्माण विभाग की ओर से राज्य के 240 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं 59 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर भवनों का निर्माण किया जा रहा है।250 से अधिक भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। आवासीय विद्यालयों एवं हॉस्टल निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
राज्य में चल रहे नवनिर्माण एवं जीर्णोद्धार भवनों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 10 उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है।
अभियंताओं को प्रत्येक सप्ताह के बुधवार एवं गुरुवार का दिन क्षेत्र भ्रमण के लिए निर्धारित किया गया है। सभी कार्यपालक अभियंताओं को परियोजनाओं को डेटा ऑनलाइन पीएमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने का सख्त निर्देश दिया गया है, जिसकी उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
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