जयपुर , जनवरी 27 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और वितरण, प्रसारण तथा उत्पादन, विद्युत तंत्र के इन तीनों आयामों को लगातार सशक्त करने से बैंकिंग व्यवस्था समाप्त करने के बावजूद गत वर्ष रबी के सीजन में राज्य सरकार ने पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की और इस साल भी किसानों को आवश्यकता के अनुरूप बिजली उपलब्ध है।

श्री नागर मंगलवार को विद्युत भवन में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुसुम योजना के माध्यम से लगभग 2900 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनसे उपलब्धता बेहतर हुई है। उत्पादन निगम के माध्यम से छह हजार मेगावाट ऑवर बैटरी स्टोरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। अब इसका प्रभाव यह होगा कि विद्युत तंत्र के पास भविष्य में आपूर्ति के लिए पर्याप्त बिजली की उपलब्धता रहेगी। यह सरकार की दूरगामी नीतियों का परिणाम है।

श्री नागर ने इस दौरान प्रदेश में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार 22 जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली दे रही है। निर्देश दिए कि तीनों वितरण निगमों में विद्युत तंत्र को मजबूती प्रदान कर शेष जिलों में भी दिन में आपूर्ति प्रारंभ करने की दिशा में चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ा जाए। इसके लिए प्रसारण क्षमता में वृद्धि करें और बजट में घोषित जीएसएस निर्माण कार्यों को गति दें।

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