लुधियाना , मार्च 20 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को गुरु अंगद देव वेटनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी , लुधियाना में पशु पालन मेले के पहले दिन चार प्रगतिशील पशुपालकों को मुख्यमंत्री पुरस्कार प्रदान किए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, हरदीप सिंह मुंडियां, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस सम्मान समारोह में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल और वेटनरी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल भी मौजूद रहे।

निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने प्रसार कार्यक्रमों को मजबूत करके राज्य में पशुपालन क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। किसानों को प्रेरित करने के लिए विश्वविद्यालय विभिन्न श्रेणियों में नवाचार प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है।

डॉ ग्रेवाल ने सम्मानित किए गए किसान और उनकी उपलब्धियों के बारे में बताया कि भैंस पालन श्रेणी में फतेह सिंह निवासी जिला साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) को 21,000 रूपये , प्रशस्ति पत्र और शॉल से सम्मानित किया गया। उनके पास वर्तमान में 300 पशु हैं, जिनमें 85 दुधारू भैंसें रोजाना पांच क्विंटल दूध देती हैं। वे उपभोक्ताओं को सीधे दूध बेचने के साथ-साथ पनीर, खोया, घी और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद भी तैयार करते हैं।

मछली पालन श्रेणी नवजोत पाल सिंह जिला फिरोजपुर को 11,000 रूपये , प्रशस्ति पत्र और शॉल से सम्मानित किया गया। वे पिछले छह वर्षों से वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर रहे हैं और उनके फार्म की उत्पादन क्षमता 15 टन प्रति वर्ष है। वे पराली न जलाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं। सूअर पालन (पिगरी) श्रेणी में गुरचरण सिहं जिला मानसा को 5,100 रूपये , प्रशस्ति पत्र और शॉल दिया गया। उन्होंने 2018 में यह व्यवसाय शुरू किया और वर्तमान में उनके पास 400 पशु हैं। उनके फार्म पर एक मादा सूअर ने 18 बच्चों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया है। वे स्वास्थ्य देखभाल के लिए पूर्ण वैज्ञानिक तरीकों का पालन करते हैं। बकरी पालन श्रेणी कुलदीप सिह जिला बरनाला को 5,100, प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने 2023 में बकरी फार्म शुरू किया। वर्तमान में उनके पास लगभग 50 पशु हैं। उन्होंने बकरियों के प्रजनन प्रबंधन में वैज्ञानिक तरीके अपनाए हैं, जिससे नस्ल और उत्पादन में सुधार हो रहा है।

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