रामनगर कॉर्बेट पार्क , अप्रैल 13 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के रामनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व इन दिनों गर्मियों के मौसम में एक अलग ही रूप में नजर आ रहा है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, जंगल के भीतर बने प्राकृतिक और कृत्रिम वॉटर होल्स (जलकुंड) वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि ये जलकुंड चाहे वह प्रकार्तिक हो या मैन मेड, अब ''वाइल्डलाइफ हॉटस्पॉट'' के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं।
दरअसल, गर्मियों में जंगल के अधिकांश हिस्सों में पानी की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे में वन्यजीव इन जंगल में बने प्रकार्तिक व मैन मेड वॉटरहोल्स पर निर्भर हो जाते हैं। यही कारण है कि इन जलकुंडों के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही अचानक बढ़ जाती है। हिरणों के झुंड, हाथियों के परिवार और बाघ जैसे बड़े शिकारी भी इन जगहों पर आसानी से देखे जा सकते हैं।
वरिष्ठ वन्यजीव प्रेमी और नेचर गाइड राजेश भट्ट बताते हैं कि जैसे-जैसे गर्मी तेज होती है, जंगल का जीवन सिमटकर इन वॉटर होल्स के आसपास केंद्रित हो जाता है। पानी की तलाश में अलग-अलग प्रजातियों के जानवर एक ही स्थान पर पहुंचते हैं, जिससे ये जगहें वन्यजीवों के लिए सबसे सक्रिय क्षेत्र बन जाती हैं। उनके मुताबिक, यही कारण है कि सफारी के दौरान पर्यटकों को कम समय में ज्यादा वन्यजीवों के दीदार हो पाते हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला कहते है कि उनका कहना है कि गर्मियों का सीजन पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा समय होता है, क्योंकि इस दौरान वॉटर होल्स के पास वन्यजीवों की गतिविधियां अपने चरम पर होती हैं।
उन्होंने बताया कि चाहे वह प्राकृतिक जल स्रोत हों या मैन मेड जो पार्क प्रशासन द्वारा बनाए गए मैन-मेड वॉटर होल, दोनों ही वन्यजीवों के लिए बेहद अहम हैं। गर्मी में पानी की बढ़ती जरूरत इन स्थानों को जीव-जंतुओं का मुख्य केंद्र बना देती है। यही वजह है कि ये स्पॉट पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं।
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