जयपुर , अप्रैल 18 -- किसान महापंचायत ने ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे एवं प्रस्तावित नहरी परियोजना से प्रभावित नौ जिलों की एक लाख हेक्टेयर भूमि को बचाने का ऐलान किया है और सरकार से दोनों परियोजनाओं निरस्त करने की मांग की हैं।

करौली जिले में हिंडौन क्षेत्र के खेड़ी हैवत गांव में खेत बचाओं संघर्ष समिति के तत्वावधान में शनिवार को गुसांई बाबा आश्रम में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया और इस भूमि को बचाने का ऐलान करते हुए परियोजनाओं को निरस्त करने की मांग की गयी।

ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे एवं प्रस्तावित नहरी परियोजना के विरोध में जुटे बड़ी संख्या में किसानों ने एक स्वर में दोनों परियोजनाओं को तत्काल निरस्त करने की मांग की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि नौ जिलों की करीब एक लाख हेक्टेयर उपजाऊ एवं सिंचित भूमि इन परियोजनाओं की भेंट चढ़ जाएगी। किसान का नाता भूमि से है, जब भूमि ही नहीं रहेगी तो किसान का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। विकास के नाम पर खेत उजाड़ना बर्दाश्त नहीं होगा।

इस दौरान कहा गया कि एक्सप्रेस वे एवं नहरी परियोजना से नौ जिलों के किसानों की खेती की जमीन प्रभावित होगी। इससे लाखों परिवारों की आजीविका छिनने का खतरा है। महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को 15 दिन में परियोजना रद्द करने का अल्टीमेटम दिया गया। मांग नहीं मानी गयी तो जिला मुख्यालयों से लेकर जयपुर तक अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गयी।

महापंचायत में किसान महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी और अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

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