मुंबई , दिसंबर 19 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के पूर्व खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे को जमानत दे दी। साथ ही न्यायालय ने उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकारी आवास के आवंटन से जुड़े एक दशक पुराने धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में एक सत्र न्यायालय द्वारा दी गई दो साल की जेल की सजा पर भी रोक लगा दी।

जस्टिस आरएन लड्ढा की एकल न्यायाधीश पीठ ने हालांकि नासिक सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी पुनर्विचार याचिका की अंतिम सुनवाई तक दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने की शर्त पर जमानत दी।

बचाव पक्ष के वकील अनिकेत निकम ने तर्क दिया कि जबकि नासिक सत्र न्यायालय ने उनकी दोषसिद्धि और दो साल की जेल की सजा को बरकरार रखा है। उनके मुवक्किल को उच्च न्यायालय में उनकी अपील पर सुनवाई लंबित रहने तक अंतरिम राहत दी जानी चाहिए। दोषसिद्धि के बाद खेल और युवा मामलों के मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था।

श्री कोकाटे उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से संबंध रखते हुए नासिक जिले में सिन्नर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी साल 20 फरवरी को नासिक जिले में एक मजिस्ट्रेट ने श्री कोकाटे और उनके भाई सुनील को दोषी ठहराया और सरकारी कोटे के तहत आवास प्राप्त करने के लिए जाली दस्तावेज जमा करने के लिए उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई। उस सजा को 5 मार्च को सत्र न्यायालय ने पर रोक लगा दी और दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।

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