जयपुर , जनवरी 05 -- ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद बॉब ब्लैकमैन ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से सोमवार को यहां मुलाकात की।

श्री ब्लैकमैन ने श्री देवनानी से विधानसभा परिसर में यह मुलाकात की जो उनकी शिष्टाचार भेंट थी। यह मुलाकात भारत और ब्रिटेन के बीच संसदीय संवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस दौरान श्री देवनानी ने ब्रिटिश सांसद का स्वागत करते हुए राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली, परंपराओं और आधुनिक नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा की स्थापत्य कला बेजोड़ है और यह देश की अग्रणी विधानसभाओं में शामिल है, जहां डिजिटल विधानसभा, ई-विधान प्रणाली, विधायकों के डिजिटल हस्ताक्षर, संविधान गैलरी, वंदे मातरम् गैलरी और कारगिल शौर्य वाटिका जैसे नवाचारों के माध्यम से लोकतंत्र को आधुनिक तकनीक और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा गया है।

उन्होंने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और सामाजिक समरसता की परंपरा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान केवल ऐतिहासिक धरोहरों के लिए ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभागीदारी के लिए भी जाना जाता है। इस अवसर पर ब्रिटिश सांसद को विधानसभा भवन और विभिन्न गैलरियों का अवलोकन कराया और राजस्थान की स्थापत्य कला पर विशेष चर्चा की गई ।

श्री ब्लैकमैन ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संसदीय परंपराओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और उसकी संसदीय प्रणाली वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्थाओं में कई समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान से लोकतांत्रिक संस्थाओं को और सशक्त किया जा सकता है।

इस दौरान भारत-ब्रिटेन ऐतिहासिक संबंधों, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और भविष्य की साझेदारी पर भी चर्चा हुई और श्री ब्लैकमैन ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी प्रभावी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

श्री ब्लैकमैन ने विधानसभा परिसर में किए गए नवाचारों को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास लोकतंत्र को जनसामान्य से जोड़ने में सहायक होते हैं और युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों से प्रेरित करते हैं। दोनों ने विश्व शांति की दृष्टि से विश्व के वर्तमान हालातों तथा बढ़ते शहरीकरण से उत्पन्न पर्यावरण और स्वच्छता आदि समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।

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