बैतूल , दिसंबर 13 -- मध्यप्रदेश की बैतूल पुलिस ने लगभग 10 करोड़ रुपए की संगठित साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का खुलासा करते हुए अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में गठित साइबर सेल एवं विशेष कार्यबल द्वारा की गई। इसके पहले इसी दिशा में पहली कार्रवाई 20 नवंबर को हुई थी। इसके तहत पुलिस ने तीन आरोपियों राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क में होने वाले करोड़ों के कैश ट्रांजैक्शन का मुख्य माध्यम अंकित राजपूत था।

इसके बाद सात दिसंबर को इंदौर से अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। अमित अग्रवाल ने अंकित की मुलाकात ब्रजेश महाजन से करवाई थी, जिसके बाद बेटिंग नेटवर्क और साइबर ठगी गुट आपस में जुड़ गए। पुलिस के अनुसार, अमित ने अंकित को अपने घर में किराए पर रखकर अवैध लेनदेन का पूरा तंत्र संचालित करवाया। अमित ने अवैध कमाई से आलीशान कार और एक आलीशान बंगला खरीदा था। इसी क्रम में दो दिन पहले दो बड़े आरोपी गिरफ्तार किए गए। जिसमें इंदौर से राजेन्द्र राजपूत और ब्रजेश महाजन को पकड़ा गया। राजेन्द्र राजपूत म्यूल खातों से एटीएम के माध्यम से नकदी निकालता था और विभिन्न स्थानों से कैश कलेक्शन और डिलीवरी करता था। ब्रजेश महाजन इस अवैध बेटिंग नेटवर्क का मास्टरमाइंडममाना जा रहा है। वो दुबई से संचालित अवैध बेटिंग वेबसाइटों की मास्टर आईडी खरीदकर भारत में महंगे दामों पर बेचता था।

पुलिस ने बताया कि वेबसाइटों से कमाई गई अवैध रकम का उपयोग आरोपी महंगे बंगले, लग्जरी गाड़ियों और भोग-विलास में कर रहे थे। नागरिकों को ऐसे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफार्मों से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित