बैतूल , जनवरी 16 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के धाबा गांव में एक निर्माणाधीन स्कूल भवन को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।
इस कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार को घेरा है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा बनवाया जा रहा स्कूल "ऊपर से दबाव" बताकर गिरा दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब्दुल नईम के पास निर्माण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज थे और उनकी गलती सिर्फ इतनी है कि वे मुसलमान हैं और गरीब बच्चों के लिए स्कूल बनवा रहे थे। उन्होंने इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव करार दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने बयान में कहा कि जिस राज्य में दलित और आदिवासी बच्चों को केवल इसलिए शिक्षा से वंचित किया जा रहा हो क्योंकि एक मुसलमान उन्हें पढ़ाने की पहल कर रहा है, वहां की सरकार समाज को बर्बादी की ओर धकेल रही है।
इधर, प्रशासन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह वैधानिक बताया है। पंचायत के अनुसार स्कूल भवन बिना अनुमति के बनाया जा रहा था, जिस पर पंचायत अधिनियम की धारा 55 के तहत जेसीबी से तोड़फोड़ की गई। यह कार्रवाई एसडीएम अजीत मरावी के नेतृत्व में की गई।
बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया।
वहीं घटना के बाद अब्दुल नईम कथित तौर पर डरे हुए हैं और फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
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