बैतूल , फरवरी 04 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के लगभग सवा सौ गांव आजादी के 75 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद अब बिजली से रोशन होने वाले हैं।

जिले के सुदूर वनांचल और पहाड़ी इलाकों के ग्रामीण आज भी लालटेन, दीये और जलती लकड़ियों के सहारे रात काटने को मजबूर थे, लेकिन अब इन गांवों के लिए राहत और उम्मीद की बड़ी खबर है। केंद्र सरकार की मोटा-4 योजना के तहत जल्द ही इन बसाहटों तक बिजली पहुंचेगी।

जिले की इन बसाहटों में घोघरा, भतोड़ी, पालंगा, उतरी, बुरहानपुर जैसे कई गांव शामिल हैं। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे होने के कारण यहां अब तक बिजली लाइन नहीं पहुंच सकी थी। हालत यह थी कि मोबाइल नेटवर्क तो पहुंच गया, लेकिन मोबाइल चार्ज करने तक के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई मोमबत्ती और दीये की कमजोर रोशनी में होती थी, जबकि सिंचाई के लिए डीजल पंप का सहारा लेना मजबूरी बन गया था।

घोघरा गांव के ग्रामीण मंगलवार को अपनी पीड़ा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। गांव के प्रमोद कवड़े और पंच दिनेश उइके ने कहा कि बिजली नहीं होने से जीवन के हर क्षेत्र में परेशानी झेलनी पड़ती है। बारिश के दिनों में सांप-बिच्छुओं का खतरा बढ़ जाता है और अंधेरे के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। नल-जल योजना भी बिजली के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है।

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