रायपुर , मार्च 21 -- छत्तीसगढ़ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कथित अफीम खेती के मामलों को लेकर दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों में इसकी खेती के खुलासे को लेकर सरकार की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए छह बिंदुओं में जवाब मांगा है।

श्री दीपक बैज ने कहा कि जिन जिलों में अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं, वे राज्य के कई मंत्रियों के गृह जिले हैं।

इनमें दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का, बलरामपुर कृषि मंत्री रामविचार नेताम का तथा रायगढ़ वित्त मंत्री ओपी चौधरी का गृह जिला है।

उन्होंने सवाल किया कि इन जिलों में अफीम की खेती का सामने आना महज संयोग है या सरकार कृषि क्षेत्र में कोई नया प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती का खुलासा स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस और राजस्व अमला पहले क्या कर रहा था। उनका कहना है कि अफीम की फसल कुछ ही दिनों में तैयार नहीं होती, बल्कि इसे विकसित होने में समय लगता है। जब धान की फसल के दौरान पटवारी और राजस्व अमला गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहे थे, तब खेतों में अफीम की खेती का पता क्यों नहीं चला और गिरदावरी में अन्य फसल या सब्जी का उल्लेख कैसे दर्ज किया गया।

श्री बैज ने दुर्ग में सामने आए मामले के मुख्य सरगना विनायक ताम्रकार का जिक्र करते हुए कहा कि उसके कई भाजपा नेताओं के साथ संबंध और विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा अपने ऐसे नेताओं पर कोई कार्रवाई करेगी और विनायक ताम्रकार को पार्टी से बाहर क्यों नहीं किया गया।

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